fbpx

Submission 3517

Skepticism

जब “संशयवाद” शब्द सुनाई देता है, तो अनेक विचारों, वस्तुओं, जानवरों और पक्षियों के विभिन्न रूप एक-दूसरे में उलझे हुए सामने आते हैं, और उनके हमारे जीवन में होने वाले स्थान के बारे में कई तरह के विचार उत्पन्न होते हैं। इससे अनेक शंकाएं खड़ी होती हैं, और उनके अलग-अलग रूप और रंग हमारे सामने उभरकर आते हैं। इस चित्र में, चित्र के निचले भाग में दिखने वाले एक रूप को ‘राक्षसी’ माना गया है, जो स्वयं को निगल रहा है। उसके कई पैर दरअसल अनेक दैवी संकटों का प्रतीक हैं, जो उसके अस्तित्व को संकट में डाल रहे हैं।

285
Views
1 Year
Since posted
6.3
Average rate
6.3
Rating

Finished since 514 days, 14 hours and 26 minutes.